’45 दिनों के भीतर परीक्षा परिणाम की गारंटी दे विश्वविद्यालय’

मुंबई : मुंबई विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ.भालचंद्र मुणगेकर ने आगे की परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का ऑनलाइन मूल्यांकन कराने के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उनके मुताबिक अगर विश्वविद्यालय प्रशासन आगे होने वाली परीक्षाओं की मेरिट ट्रैक कंपनी से ऑनलाइन मूल्यांकन करवाना चाहता है, तो वह कोर्ट में लिखित में दे कि सभी परीक्षाओं के परिणाम नियमों के अनुसार 45 दिनों के भीतर घोषित होंगे।

साथ ही, देशमुख द्वारा लिए गए फैसले की न्यायिक जांच, परीक्षा निदेशक डॉ.अर्जुन घाटुले को हटाने और अकैडमिक काउंसिल को बर्खास्त करने की मांग की। मुणगेकर के मुताबिक ऑनलाइन मूल्यांकन के फैसले से विश्वविद्यालय की साख धूमिल हुई और परीक्षा परिणाम घोषित होने में विलंब हुआ। अगर विश्वविद्यालय प्रशासन को कंपनी के कार्यक्षमता पर भरोसा है, तो वह कोर्ट में एक शपथ-पत्र दायर करे, जिसमें लिखा हो कि आगे से सभी परीक्षा के परिणाम 45 दिनों के भीतर घोषित होंगे।

उन्होंने कहा कि अब भी हजारों विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हुए हैं, ऐसे में मेरिट ट्रैक कंपनी से ही ऑनलाइन मूल्यांकन कराने का फैसला विद्यार्थियों के मन में संदेह पैदा करता है। परीक्षा परिणाम घोषित होने में अतिविलंब और विभाग में पसरी अव्यवस्था से विद्यार्थी, अभिभावक और प्राध्यापक सभी परेशान हैं।