छत्तीसगढ़ के गवर्नर ने बड़ा हुआ वेतन लेने से किया इंकार

छत्तीसगढ़: राजनितिक माहौल में कल्पना से परे काम करते हुए छत्तीसगढ़ के गवर्नर ने राष्ट्रपति डा. राजेन्द्र प्रसाद की याद दिलाई | उस समय नेताओ में काम के प्रति निस्वार्थ भाव और देश भक्ति अधिक देखने को मिलती थी जो आज कम नजर आती है

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल बलरामदास टंडन ने केंद्र सरकार से पिछले ही बजट में राज्यपालो का वेतन तीन गुना बढ़ाया जिससे लेने से इंकार किया |

मैंने ऐसा कोई काम नहीं किया जिस वजह से मेरा वेतन तीन गुना बढ़ा दिया गया ,वह भी तब जब सारा खर्चा स्वयं राज्य उठा रही है | मेरे लिए तो पुराना वेतन ही काफी है और मेरे वेतन की बची हुई रकम राज्यपर खर्च किया जाए|
मोदी सरकार ने राज्यपालों का वेतन एक लाख दस हजार से बढ़ाकर सीधे साढ़े तीन लाख कर दिया है और यह वेतन भी राज्यपालों को जनवरी 2016 से दिया जाना है.

छत्तीसगढ़ के गवर्नर से पहले देश के पहले राष्ट्रपति डा. राजेन्द्र प्रसाद ने बतौर राष्ट्रपति आधा वेतन ही लेना मंजूर किया था क्योंकि उनका तर्क था कि राष्ट्रपति का वेतन उनकी जरूरतों से काफी ज्यादा है|