राहुल दादाजी खोब्रागडे के परिवार से मिले

चंद्रपुर / नागपुर : कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज चन्द्रपुर जिले के दादाजी खोब्रागड़े के परिवार से मिले । जिनका 3 जून को चरम गरिबी में शोधग्राम के अस्पताल में निधन हो गया। 79 साल के खोब्रागडे चंद्रपुर के नांदेड़ गांव के रहने वाले थे। दादाजी की तरफ से धान या चावल क्षेत्र में बहुत बड़े काम के बाद भी वह गरीब रहे। उन्होंने अपने अविष्कारों को मुफ्त में किसानों को बांटा और उसका कभी पेटेंट नहीं किया।

दादाजी ने आठ प्रकार के धान विकसित किये थे। इनमे से सबसे प्रसिद्ध एचएमटी किस्म है। जो मध्य भारत के एक बड़े क्षेत्र में उगाया जाता है। फोर्ब्स पत्रिका ने उनके आविष्कार के बारे में लिखा था।खोब्रागडे पैरालिसिस से जूझ रहे थे। केवल 1.5 एकड़ जमीन वाले दलित किसान दादाजी खोब्रागड़े ने धान की किस्में विकसित करने के लिए अपने खेत पर आजीवन प्रयोग किया था। एचएमटी चावल का नवाचार 80 के दशक में शुरू हुआ था। दादाजी ने 2006 में अपने आविष्कार के लिए नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन पुरस्कार जीता। वर्षों से उन्होंने प्राकृतिक चयन की तकनीक का उपयोग करके ऐसी अधिक किस्में विकसित करना जारी रखा। राहुल गांधी ने गांव के किसानों से भी बातचीत की।