कल शाम 4 बजे शक्ति परीक्षण कराया जाए – सर्वोच्च न्यायालय

नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी कल, १९ मई को शाम 4 बजे कर्नाटक विधानसभा में बहुमत सिद्ध करें, ऐसा निर्णय सर्वोच्च न्यायालय ने दिया है.

आज सुबह न्यायमूर्ति ए. के. सिकरी की अगुवाई वाली तीन जजों की बेंच ने यह निर्णय दिया.

बीजेपी की तरफ से वरिष्‍ठ वकील मुकुल रोहतगी ने येदियुरप्‍पा की चिट्ठियां सुप्रीम कोर्ट को सौंपी और कहा कि बीजेपी के पास बहुमत है.

सुनवाई के दौरान जस्टिस ए. के. सीकरी ने रोहतगी से कहा कि बीजेपी ने तो सिर्फ बहुमत की बात की है, जबकि कांगेस जेडीएस ने तो पूर्ण बहुमत की चिट्ठी दी थी. उन्‍होंने पूछा कि राज्‍यपाल ने किस आधार पर बीजेपी को न्‍योता दिया? शीर्ष न्यायालय ने कहा, जनादेश सबसे महत्‍वपूर्ण है. सरकार बनाना नंबर का खेल है. राज्‍यपाल तय करेंगे कि नंबर किसके पास है. इसके साथ ही न्यायमूर्ति ए. के. सीकरी की अगुवाई वाली तीन जजों की बेंच ने येदियुरप्पा सरकार को कल (शनिवार, 19 मई) ही विधानसभा में फ्लोर टेस्‍ट कराने का सुझाव दिया.

कांग्रेस की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी ने भाजपा की दलील का विरोध करते हुए कहा कि ये महत्‍वपूर्ण है कि पहले सरकार बनाने का न्योता किसे दिया जाए. सिंघवी ने पूछा, भाजपा के पास अगर बहुमत है, तो लिखित है या फिर जुबानी? सिंघवी ने जजों के सामने कहा कि कांग्रेस शक्ति परीक्षण के लिए तैयार है और उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाए. शीर्ष न्यायालय ने भाजपा को आदेश जारी करते हुए कहा कि वे कांग्रेस-जेडीएस के विधायकों की सुरक्षा का इंतजाम करें.

इससे पहले सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार (17 मई) तड़के बी.एस. येदियुरप्पा के कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर रोक नहीं लगाई थी. शीर्ष अदालत ने आधीरात को घंटों चली सुनवाई में कांग्रेस और जनता दल-सेक्युलर (जेडी-एस) की येदियुरप्पा की शपथ ग्रहण पर रोक लगाने की संयुक्त याचिका के मद्देनजर शपथ ग्रहण पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था और कहा था कि राज्यपाल ने अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल किया है. इस मामले की कार्यवाही की अध्यक्षता एके सीकरी, एसए बॉब्डे और अशोक भूषण ने की थी.