अब खेत की जमीन पर मग्रारोगयो के तहत भी वृक्षारोपण किया जा सकेगा – सुधीर मुनगंटीवार

मुंबई: सामाजिक वनीकरण शाखा की मदद से महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मग्रारोगयो) के तहत व्यक्तिगत लाभार्थियों के खेत की जमीन तथा खेत के बांध के निकट भी वृक्षारोपण किया जाना संभव हो पाएगा. इस बारे में सरकार ने 12 अप्रैल 2018 को एक आदेश निर्गमित किया है यह जानकारी वनमंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने दी.

उन्होंने आगे कहा कि रोजगार गारंटी योजना प्रभाग के नियोजन विभाग की ओर से उक्त आदेश निर्गमित हुआ है. इसके तहत अनुसूचित जाति, जनजाति, वी जे एन टी, गरीबी सीमा से नीचे वाले लाभार्थी, महिला मुखिया वाले परिवार, शारीरिक दृष्टि से विकलांग व्यक्ति चला रहे परिवार, भू-सुधार के लाभार्थी, इंदिरा आवास योजना के लाभार्थी और अन्य परंपरागत वन वासी (वन अधिकार अधिनियम 2006) (2007) की धारा 2 के तहत आने वाले लाभार्थी को इसका लाभ देने के बाद अब कृषि ऋण माफी और ऋण मदद योजना 2008 के तहत परिभाषित छोटे और सीमांत भूमि धारक किसानों की जमीन के लिए यह वृक्षारोपण योजना लागू होगी.

सरकार के इस निर्णय में लाभ धारकों का चयन और उससे संबंधित पात्रता भी परिभाषित की गई है. किसानों के खेतों में और बांध से सटे क्षेत्र में किये जाने वाले वृक्षारोपण में साग, चंदन, खाया, बांबू, नीम, चारोली, महोगनी, अमला, हिरडा, बेहड़ा, अर्जुन, सीताफल, इमली, जामुन, बबूल, अंजन, बिबाह, खैर, आम, काजू (रत्नागिरी तथा सिंधुदुर्ग जिला के लिए) फनस, ताड़, शिन्धी, शेवगा, हादगा, कडीपत्ता, महारूख, मेजियम, मिलिया, दुबिया जैसी प्रजातियों के वृक्षों का समावेश है. नर्सरी का मूल्य सरकार ने तय किया है. वृक्षारोपण की सीमा 1 जून से 30 नवंबर के बीच रहेगी और इसके लिए सामाजिक वनीकरण विभाग को कालबद्ध नियोजन करना है.

योजना का अनुदान

दूसरे और तीसरे वर्ष में बागायत फसलों वाले पेड़ यदि 90% तक जीवित रहते हैं और सूखे खेती के फसल अगर 75% तक जीवंत रहती हैं तो ही दूसरे और तीसरे वर्ष का अनुदान मिलने की संभावना है.

सलाहकार समिति

तालुका स्तर पर उपविभागीय अधिकारी (प्रांत अधिकारी) की अध्यक्षता में समिति स्थापन की जाएगी जो वृक्षारोपण के बारे में सिफारिश करेगी.

नर्सरी उपलब्ध कराने के लिए प्राथमिकता

वृक्षारोपण के लिए नर्सरी और पौधे उपलब्ध कराने के लिए सामाजिक वनीकरण, वन विभाग या अन्य सरकारी विभागों की नर्सरी, कृषि विभाग की नर्सरी, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत आने वाली नर्सरी, पंचायत समिति की नर्सरी, कृषि विश्वविद्यालय, सरकार प्रमाणित निजी नर्सरी, टिश्यू कल्चर, कृषि आयुक्त द्वारा प्रमाणित क्लोन नर्सरी, वन विभाग के सुझाव से मान्यता प्राप्त निजी नर्सरी को वृक्षारोपण के के समय प्राथमिकता दी जाएगी.

व्रुक्षरोपन का पंजीकरण सामाजिक वनीकरण विभाग में स्वायत्त तरीके से दर्ज किया जाएगा. इस संबंध में सभी संख्याकी जानकारी इस विभाग के पास होगी. इसकी एक प्रति तहसीलदार को दी जाएगी. मग्रारोहयो के तहत सामाजिक वनीकरण शाखा के माध्यम से खेत की जमीन और खेत के बांध पर वृक्षारोपण करने से राज्य में रक्षा कवर में वृद्धि होगी और साथ ही किसानों की आय में भी काफी बढ़ोतरी होने की संभावना है. साथ ही रोजगार के भी बड़े अवसर उपलब्ध होने की दृष्टि से यह कार्यक्रम चलाया जाना है ऐसा भी मुनगंटीवार ने बताया.