मक्का मस्जिद ब्लास्ट में NIA कोर्ट ने स्वामी असीमानंद समेत सभी 5 आरोपियों को किया बरी

हैदराबाद : मक्का मस्जिद ब्लास्ट मामले में नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की नामापल्ली स्पेशल कोर्ट ने सोमवार को 11 साल बाद फैसला सुनाया। अदालत ने स्वामी असीमानंद समेत सभी 5 आरोपियों को बरी कर दिया है। बता दें कि 18 मई, 2007 को हुए ब्लास्ट में 9 लोगों की मौत हो गई थी।

एनआईए की कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर ली थी। पिछले सप्ताह फैसले की सुनवाई सोमवार (16 अप्रैल) तक के लिए टाल दी थी। पहले इस केस की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। लेकिन 2011 में इसे एनआईए को सौंप दिया गया था। इस मामले में देवेंद्र गुप्ता, लोकेश शर्मा, स्वामी असीमानंद, भरत और राजेंद्र चौधरी को आरोपी बनाया गया था जिन्हे अब बरी कर दिया है।

बता दे कि, इस मामले में कुल 160 चश्मदीद गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे, जिनमें से 54 गवाह मुकर चुके हैं। मस्जिद ब्लास्ट मामले में दो और मुख्य आरोपी संदीप वी डांगे और रामचंद्र कलसंगरा अभी भी फरार चल रहे हैं। मालेगांव धमाकों के आरोपी कर्नल पुरोहित भी इस मामले में गवाह थे। उन्होंने 15 फरवरी 2018 को अपना बयान पलट दिए था।

क्‍या है मामला
आपको बता दें कि हैदराबाद में 18 मई 2007 को जुमे की नमाज के दौरान मक्का मस्जिद में एक ब्लास्ट हुआ था। इस विस्‍फोट में नौ लोगों की मौत हुई थी, जबकि 58 लोग घायल हुए थे। स्थानीय पुलिस की शुरुआती छानबीन के बाद मामला सीबीआई को स्थानांतरित कर दिया गया। इस केस की सुनवाई के दौरान 160 गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे. सीबीआई ने एक आरोपपत्र दाखिल किया। इसके बाद 2011 में सीबीआई से यह मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के पास गया।