श्रीसंत को सुप्रीम कोर्ट का झटका ; याचिका हुई ख़ारिज

नई दिल्ली : आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में क्रिकेटर एस श्रीसंत को सर्वोच्च न्यायालय ने झटका दिया है। इससे श्रीसंत की मुश्किलें बढ़ी है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली उच्च न्यायालय को जुलाई तक फैसला करने का निर्देश दिया है। इसलिए श्रीसंत को झटका लगा और अब उसके करियर पर भी कई सवाल उठने लगे है।

सुप्रीम कोर्ट ने श्रीसंत को कुछ समय इंतजार करने की सलाह दी। खिलाड़ी की क्रिकेट खेलने की इच्छा और चिंता को हम समझ सकते हैं। लेकिन उच्च न्यायालय के निर्णय के बाद सर्वोच्च न्यायालय फैसला देगा ऐसा सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है। श्रीसंत ने अनुरोध किया कि सर्वोच्च न्यायालय की सुनवाई पूरी होने तक श्रीसंत को इंग्लैंड के काउंटी क्रिकेट में खेलने की परवानगी देनी चाहिए।

2013 के आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले पर बीसीसीआई ने कार्रवाई के दौरान श्रीसंत पर आजीवन क्रिकेटबंदी का निर्णय लिया गया था। इसके खिलाफ श्रीसंत ने उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीशीय खंडपीठ के सामने आवाहन याचिका दायर की थी। 7 अगस्त को परिणाम देने के दौरान श्रीसंत पर क्रिकेट खेलने की आजीवन बंदी हटा दी गई। और बीसीसीआई ने यह कार्यवाई गलत तरीके से की, ऐसा भी सुनाया था।

इस बीच, इस फैसले पर बीसीसीआई ने मुख्य न्यायाधीश नवनीत प्रसाद सिंह की अध्यक्षता के खंडपीठ के सामने चुनौती दी थी। इसपर दो दिन की सुनवाई के बाद अदालत ने बीसीसीआई के पक्ष में फैसला किया। आखिरकार श्रीसंत ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के बेंच ने आज दिल्ली उच्च न्यायालय को इस मामले में जुलाई के अंत तक फैसला करने के निर्देश दिए है।