अब NCERT की किताबों से मदरसों में होगी गणित-साइंस की पढ़ाई

नई दिल्ली : यूपी के मदरसों में अब एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाई जाएंगी. उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने सोमवार को ट्वीट किया कि मदरसों में अब एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाई होगी. यहां अब आधुनिक विषय पढ़ाए जाएंगे, ताकि उनमें पढ़ने वाले बच्चे दूसरे स्कूलों के विद्यार्थियों से बराबरी कर सकें. मंत्री के ट्वीट के मुताबिक आलिया (इंटरमीडियट) स्तर पर गणित और साइंस को अनिवार्य किया जाएगा. राज्य मदरसा बोर्ड ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है.

मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार राहुल गुप्ता के मुताबिक प्रदेश में इस वक्त 19 हजार से ज्यादा मदरसे रजिस्टर्ड हैं. इनमें कक्षा-1 से कक्षा-12 तक एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाई की तैयारी चल रही है.

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार , मदरसों में शामिल की जाने वाली एनसीईआरटी की किताबें में हिंदी और अंग्रेजी को छोड़कर बाकी सभी विषय उर्दू में होंगे. इसके साथ ही गणित, विज्ञान विषयों की किताबें उर्दू में बच्चों को पढ़ाई जाएंगीं. शुरुआत में गणित और साइंस की पढ़ाई अनिवार्य करने का प्रस्ताव है.

राहुल गुप्ता के मुताबिक अभी तक मनमर्जी तरीके से किताबों का इस्तेमाल किया जा रहा था. उन्होंने उम्मीद जताई कि एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाने से मदरसों में पढ़ाई का स्तर सुधरेगा. बोर्ड इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर रहा है, जल्द ही इसे मंजूरी के लिए सरकार के पास भेजा जाएगा.

हाईटेक बनाने पर ध्यान
मदरसे को आधुनिक विषयों के साथ अन्य निजी स्कूलों के बराबर लाने की कोशिश की जा रही है. यही नहीं मदरसों को हाईटेक करने के लिए बोर्ड लगातार कोशिश कर रहा है. अब तक यूपी के लगभग 20 हजार मदरसों को ऑनलाइन किया जा चुका है.

मालूम हो कि सरकार ने मदरसों के संचालन में पारदर्शिता लाने के लिए बोर्ड का एक वेब पोर्टल बनाया है. सभी मदरसों से कहा गया था कि वह इस पर अपने यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों की संख्या, उनके वेतन और मदरसे के प्रबन्धन समेत कई चीजों के बारे में सूचना अपलोड करें. प्रदेश के 19 हजार मान्यता प्राप्त मदरसों में से करीब 2500 ने ये सूचनाएं पोर्टल पर नहीं डाली है.