नाणार परियोजना लादी नहीं जाएगी, सर्वसम्मति से हल निकाला जाएगा – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

नागपुर: रत्नागिरी जिला के नाणार में निर्मित की जाने वाली मेगा रिफाइनरी परियोजना को लेकर स्थानीय किसान, नागरिक, सहयोगी दल तथा प्रतिपक्ष को विश्वास में लेकर समन्वय के साथ चर्चा करने के उपरान्त ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा. यह परियोजना लादी नहीं जाएगी, ऐसा आश्वासन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज विधानसभा में दिया.

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि देश में इंधन सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार ने तटीय इलाकों में मेगा रिफाइनरी का निर्माण करने का निर्णय लिया है. गुजरात, महाराष्ट्र तथा आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों ने नाणार रिफाइनरी की मांग की थी. अंत: महाराष्ट्र को यह परियोजना दी गई. तीन लाख करोड रुपए की लागत से निर्मित होने वाले इस परियोजना के कारण एक लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा. यह परियोजना ग्रीन रिफायनरी होने के कारण इसमें उच्च प्रति की तकनीक का उपयोग किया गया है. सिंगापुर में भी इस तरह की परियोजना निर्मित की हुई है और उसके कारण कोई भी प्रदूषण नहीं होता. उन्होंने कहा कि विश्व के अनेक देशों में आधुनिक प्रोद्योगिकी का उपयोग कर रिफाइनरी बनाए जा रहे हैं.

मुख्यमंत्री श्री फडणवीस ने आगे कहा कि नाणार में स्थानीय नागरिक, किसान, विभिन्न संगठनों ने इस परियोजना से होने वाले प्रदूषण और अन्य विषय को लेकर संदेह व्यक्त किया है. इनकी आशंकाओं को दूर करने के लिए नाणार परियोजना का अध्ययन करने के उद्देश्य से आईआईटी पवई, नेशनल एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टिट्यूट अर्थात नीरी तथा गोखले इंस्टिट्यूट जैसे संस्थानों को नियुक्त किया गया है. इन से प्राप्त रपट के आधार पर स्थानीय जनता के संदेह को दूर करने का प्रयास किया जाएगा. उसके बाद ही नाणार परियोजना का काम शुरू होगा. उन्होंने कहा कि सरकार की नीति के अनुसार यदि किसी परियोजना को राज्य में कहीं भी विरोध होता है, तो उसका निर्माण नहीं होगा और चर्चा के माध्यम से ही सर्वमान्य हल ढूंढा जाएगा. उन्होंने कहा कि लोगों को नाणार परियोजना स्वीकृत होने पर ही इसका निर्णय होगा. मुख्यमंत्री ने समन्वय के साथ चर्चा करने का आश्वासन देते हुए कहा कि लोगों के प्रश्न तथा उनके मन में उत्पन्न संदेह को प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जानकारी देकर दूर किया जाएगा