परमाणु तकनीकी के उपयोग में राष्ट्र अग्रणी- राष्ट्रपति कोविंद

परमाणु ऊर्जा विभाग की देशभर की सुविधाओं का राष्ट्रपति के हाथों उद्घाटन

मुंबई : ऊर्जा, कृषि और औषधि उपचार जैसे सभी विषयों में परमाणु तकनीकी का उपयोग करने में भारत देश को एक अग्रणी देश के रूप में पहचान है. छह दशक पहले शुरू हुए भाभा ऑटोमिक रिसर्च सेंटर की यह यात्रा उल्लेखनीय है. परमाणु ऊर्जा विभाग आज संपूर्ण देश में फैली हुई सुविधाओं के कारण बहुआयामी संस्था बनी है, ऐसा गौरवोद्गार राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने आज यहां निकाला.

परमाणु ऊर्जा विभाग की ओर से देशभर में विभिन्न सुविधाओं का आज राष्ट्रपति के हाथों उद्घाटन हुआ. इस समय वह बोल रहे थे.

इस अवसर पर श्रीमती सविता कोविंद, राज्यपाल चे. विद्यासागर राव, शालेय शिक्षा मंत्री तथा पालकमंत्री विनोद तावडे, ऑटोमिक एनर्जी सेंटर के अध्यक्ष सेकनार बासू, पूर्व अध्यक्ष डॉ. आर. चिदंबरम् और भाभा ऑटोमिक रिसर्च सेंटर के संचालक के. एन. व्यास उपस्थित थे.

राष्ट्रपती ने आगे कहा कि, स्वास्थ्य, अन्न, कृषि और जलस्त्रोतों का प्रबंधन तथा पर्यावरण सुरक्षा के क्षेत्र में आण्विक तकनीकी का उपयोग कर भारतीय शास्त्रज्ञों ने उल्लेखनीय काम किया है. राष्ट्र निर्मिति में यह दीर्घकालीन एवं निरंतर चलनेवाली प्रक्रिया है. इस प्रक्रिया में कई चुनौतियां अपने सामने हैं. इसलिए राष्ट्रीय विकास प्रक्रिया में परमाणु ऊर्जा विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है.

इस समय राष्ट्पति के हाथों कल्पक्कम स्थित मेटल फ्युएल पिन फॅब्रीकेशन फॅसिलिटी (आयजीसीएआर), हैद्राबाद की हाई पॉवर इलेक्ट्रॉन बीम मेल्टींग फर्नेस फॉर न्युक्लीयर एन्ड स्ट्रॅटेजिक एप्लीकेशन, ओरिसा के तालचेर स्थित एनरिच्ड बीएफ 3 गौस जनरेशन फॅसिलिटी ॲट हेवी वॉटर प्लँट, भाभा ॲटोमिक रिसर्च सेंटर, मुंबई स्थित इंटिग्रेटेड सेंटर फॅार क्रायसेस मॅनेजमेंट, नवी मुंबई के मल्टी लीफ कोलीमॅटोर सिस्टम और ट्रॉम्बे छत्तीसगढ़ के दुबराज म्युटन्ट इस चावल की नई प्रजाति का लोकार्पण किया गया.

नवी मुंबई के मल्टी लीफ कोलीनेटर सिस्टम के कारण कैंसर के मरीजों को बीमारी की निश्चित जगह पर रेडीएशन थेरपी देना संभव होगा. ट्रॉम्बे छत्तीसगढ़ दुबराज यह कम समय में अच्छी क्वालिटी का उत्पादन देनेवाली धान की प्रजाति है. इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में तैयार किया गया चावल इस समय राष्ट्रपति को भेंट स्वरूप दिया गया.