शिशु मृत्यु रोकने के लिए उपाययोजन पर कोअर कमिटी की मंत्रालय में बैठक मुख्य सचिव ने लिया ब्यौरा

मुंबई: राज्य के आदिवासी क्षेत्र में शिशु मृत्यु रोकने के लिए एवं शिशु मृत्यु का प्रमाण कम करने के लिए की जानेवाली उपाययोजनाओं का ब्यौरा आज मुख्य सचिव सुमित मल्लिक ने लिया। मंत्रालय में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कोअर कमिटी की बैठक हुई। इस दौरान अमरावती, नाशिक, जलगाँव, नांदेड, अहमदनगर, गड़चिरोली, ठाणे, नांदेड के जिलाधिकारी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी के साथ वीडियो कॉन्फरन्सिंग के माध्यम से संवाद साधकर जायज़ा लिया गया।

स्वास्थ्य, महिला बालविकास एवं आदिवासी विकास विभाग ने की गई उपाययोजनाओं का जायज़ा लेने के बाद मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य के 16 आदिवासी जिलों पर विशेष ध्यान दिया गया है। स्वास्थ्य संबंधित सेवाओं के लिए स्थानीय आवश्यकता के अनुसार यह निर्णय लिया गया है और उसके अनुसार नंदुरबार में नई सिटी स्कैन मशीन दी जाएगी। यह प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके लिए एक्स्प्रेस फिडर भी तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा नंदुरबार स्थित बोट एम्बुलन्स के लिए डॉक्टर और कर्मचारियों की 2 टीम नियुक्त किए जाने का निर्णय लिया गया है।

राज्य में 1500 नए स्वास्थ्य उपकेंद्र मंजुर किए गए है और आगामी 3 माह में यहाँ पर बीएएमएस डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी। इन डॉक्टरों की नियुक्ति का अधिकार जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को दिया गया है।

उन्होंने कहा कि रायगड जिले के कर्जत में कुपोषित बालकों के उपचार के लिए पोषण पुनर्वसन केंद्र (एनआरसी) नए से स्थापित करने का निर्णय इस दौरान लिया गया। साथ ही अमरावती जिले के चुरणी, चिखलदरा में भी नए पोषण पुनर्वसन केंद्र शुरू किए जाएंगे।

मेलघाट में सेंट्रल किचनतत्काल शुरू किया जाएँ, उसके लिए कॉर्पोरेट कंपनियों के सामाजिक दायित्व निधि से मदद ली जाएँ। इस माध्यम से स्कूल और अंगनवाड़ी के बच्चों को पोषक आहार दे सकते है। उसके लिए सेन्ट्रल किचन जल्द से जल्द किए जाने के निर्देश मुख्य सचिव ने दिए।

इस दौरान आदिवासी क्षेत्र में व्हीसीडीसी शुरू करने संदर्भ में ब्यौरा लिया गया और मेलघाट परिसर में इंटरनेट कनेक्टिव्हीटी के लिए आवश्यक उपाययोजन के संदर्भ में चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि तत्काल इंटरनेट सुविधा उपलब्ध होने पर लाभार्थियों को विविध योजनाओं का अनुदान जल्दी मिल सकेगा।

इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ. प्रदीप व्यास, आयुक्त डॉ. संजीवकुमार, चिकिस्ता शिक्षा विभाग के सचिव संजय देशमुख, पालघर, नंदुरबार के जिलाधिकारी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, समिति के सदस्य उपस्थित थे।

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