कठुआ रेप केस मामले की सुनवाई आज से

श्रीनगर: सामूहिक दुष्कर्म के बाद 8 साल की बच्ची की हत्या के आठ आरोपियों के खिलाफ सोमवार से मुकदमा शुरू होगा। लेकिन जम्मू-कश्मीर पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम को जिस तरह से वकीलों के एक समूह ने जिला अदालत में आरोपपत्र दाखिल करने से रोकने की कोशिश की थी, इसे देखते हुए मारी गई बच्ची के परिवार ने फ़ैसला किया है कि वो सुप्रीम कोर्ट से केस की सुनवाई किसी और राज्य में करने की मांग करेगा।

पीड़ित पक्ष की वकील दीपिका सिंह राजावत ने कहा, “हमें नहीं लगता कि कठुआ में ट्रायल के लिए ठीक माहौल है। उन्होंने कहा कि, मुझे कल धमकी मिली थी कि तुम्हें माफ नहीं करेंगे।’ दीपिका सिंह ने कहा, “हमें नहीं लगता कि कठुआ में ट्रायल के लिए ठीक माहौल है। इसीलिए हम केस को जम्मू-कश्मीर से बाहर ले जाने की मांग करने जा रहे हैं।

उधर बलात्कार और हत्या के आरोपियों के समर्थन में रैलियां निकालने वाले जम्मू बार एसोसिएशन का कहना है कि वो क्राइम ब्रांच की जांच से संतुष्ट नहीं है। ये वकील पिछले 12 दिन से हड़ताल पर हैं और इनकी मांग है कि इस मामले की सीबीआई जांच कराई जाए। बार एसोसिएशन के प्रभारी गगन बसोत्रा ने कहा है, ‘ हम क्राइम ब्रांच की जांच से बिलकुल भी संतुष्ट नहीं हैं, 221 गवाह हैं, चालान में. अभी और जांच करनी बाक़ी है, जांच में कई ख़ामियां हैं।’

बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने कहा है कि वकीलों से जुड़े विवाद की जांच के लिए काउंसिल ने एक पैनल बनाया है। जम्मू-कश्मीर बार एसोसिएशन के वकीलों पर आरोपियों का सपोर्ट करने का आरोप है। जिन्होंने 10 अप्रैल को पुलिस को चार्जशीट पेश करने से रोका था।

बता दे कि ये मामला अब एक बड़ा राजनीतिक विवाद बन चुका है जिसमें राज्य सरकार के दो मंत्रियों को अपने इस्तीफा देना पड़ गया। दोनों मंत्रियों में से एक लाल सिंह ने कहा है कि उनको पार्टी ने ही कठुआ भेजने का फैसला किया था। लाल सिंह अब मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती के इस्तीफ़े की मांग की है।