पाकिस्तानी चीनी रोकने के लिए सरकार पर दबाव डालने की जरुरत : अनिल घनवट

श्रीगोंदा : चीनी आयात की अपर्याप्त जानकारी के कारण कुछ राजनीतिक दलों के नेताओं ने रोष व्यक्त किया। फिर भी चीनी उद्योग की स्थिति में सुधार लाने के लिए गन्ना उत्पादक किसान और चीनी करख़नदारो ने मिलकर सरकार पर दबाव डालने की जरुरत है। ऐसी चेतावनी किसान संघटना के अध्यक्ष अनिल घनवट ने दी है।

घनवट ने कहा पाकिस्तानी चीनी मुंबई आने की रिपोर्ट से कई राजनीतिक दलों ने इस अवसर का लाभ उठाया। और उन्होंने विरोध प्रदर्शन किये चीनी के गोदाम तोड़े और बहोत चीनी की तबाही की। किसान संगठन ने लगातार खेती में होने वाले माल के अनावश्यक आयात का विरोध किया है। ठाणे के डायघर में मिली चीनी की वास्तविकता क्या है इसकी जांच होनी चाहिए। 1 मई 2006 को सरकार ने ड्यूटी फ्री आयात प्राधिकरण नामक योजना को लागू कि। इस योजना के तहत भारत के निर्यातक ने दूसरे देश में कुछ निर्यात किया हो और वह प्रोडक्ट बनाने के लिए लगने वाला कच्चा माल आयात किया तो उसे आयात शुल्क नहीं लगेगा।

चीनी उद्योग को उभरने के लिए स्थायी नीति तैयार करने की आवश्यकता है। गन्ना उत्पादक और चीनी करख़नदारो ने एकसाथ मिलकर सरकार पर दबाव डाला तो ही स्थाई निति होगी। गन्ना उत्पादकों ने चीनी करख़नदारो को दुश्मन ना समझते हुए उनके साथ जाकर आंदोलन करना चाहिए। उसी में गन्ना उत्पादक और चीनी उद्योग का हित है। ऐसा घनवट ने एक पत्रक में कहा।