मुंजा गित्ते के खत को धनंजय मुंडे का जवाब, कहा यह बदनामी की साजिश है

बीड : जगमित्र चीनी कारखाने की जमीन के मामले में किसान मुंजा गित्ते ने लिखे हुए खत को विधान परिषद् के विपक्ष नेता धनजय मुंडे ने जवाब दिया है।

हाइवे और सरकार की परियोजनाओं के लिए किसानो की जमीने जबरन लेने के सरकार के निर्णय को मुंडे ने विरोध किया था। इसीलिए मुंजा गित्ते मामले पर मेरी बदनामी की यह साजिश है ऐसा दावा धनंजय मुंडे ने किया।

धनंजय मुंडे ने हाल ही में भूमि अधिग्रहण पर प्रकाशित महाराष्ट्र सरकार के परिपत्रक को चुनौती दी थी। उन्होंने किसानों को सरकार से बचाने के लिए सरकार के खिलाफ लड़ाई में मौत भी आये तो कोई गम नहीं, ऐसी घोषणा की थी।

जिसके बाद मुंजा गित्ते ने धनजंय मुंडे को खत लिखा था।

परळी तालुका में पूस के जगमित्र चीनी कारखाने द्वारा किसानो की जमीन वापस दिला दो, जान देने की कोई जरूरत नहीं। ऐसा खत किसान मुंजा गित्ते ने धनंजय मुंडे को लिखा था।

धनंजय मुंडे का स्पष्टीकरण

मुंजा गित्ते मामले पर धनंजय मुंडे ने आज बिड में स्पष्टीकरण दिया है।

जिस मुंजा गित्ते की जमीन जगमित्र चीनी कारखाने के लिए ली गई थी, उस जमीन का पूरा मुआवजा उनको दिया गया है। इसके सभी रिकॉर्ड कार्यालय में उपलब्ध हैं। धनंजय मुंडे ने कहा, यदि वह चाहते हैं, तो गित्ते और उस क्षेत्र के किसानो की जमीन वापस करने के लिए हम तैयार है।

इसके बावजूद, धनंजय मुंडे ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेता पिछले चार वर्षों से मुंजा गीते के माध्यम से मुझे बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।

मुंडे ने कहा कि एक बार फिर मैंने सरकार द्वारा उठाए गए भूमि अधिग्रहण के फैसले के खिलाफ विरोध किया तो फिर एक बार मुंजा गीते का इस्तेमाल करके मुझे बदनाम किया जा रहा है।

मैं एक किसान का बेटा हु इसलिए किसानो की जमीन का मूल्य और महत्व मै अच्छी तरह से जनता हु। मैं अपने किसान बंधुओ की जमीन कभी नहीं लूंगा।धनंजय मुंडे ने यह भी कहा कि जिन्होंने इस परियोजना के लिए जमीन दी है, उन सबकी इच्छा होगी तो मै खरीदी मूल्य या आज के मूल्य में वह जमीन वापस करने की मेरी तैयारी है।

कारखाना शुरू नहीं होने के कारण बच्चों को नौकरी देने का कोई सवाल ही नहीं आता। अगर परियोजना शुरू हो जाती तो निश्चित रूप से उन बच्चो को नौकरी दे देते।