लोकतंत्र खतरे में, अगले साल चुनाव; दिल्ली के मुख्य फादर का पत्र

नई दिल्ली: दिल्ली के कैथलिक चर्च के मुख्य फादर ने लोकशाही खतरे में है कहकर मोदी सरकार को अप्रत्यक्ष लक्ष्य किया है। दिल्ली के आर्चबिशप अनिल कोटो ने देश भर के अन्य चर्चों के धार्मिक नेताओं को एक पत्र लिखकर यह संदेश दिया है।

फादर कोटो ने कहा कि लोकतंत्र खतरे में है और अगले वर्ष चुनाव हो रहे है। इसलिए देश के हित के लिए प्रार्थना अभियान शुरू करना चाहिए। उन्होंने कहा संवैधानिक लोकतांत्रिक सिद्धांतों और धर्मनिरपेक्ष संरचना के लिए खतरा बनने वाले क्रुद्ध राजनीतिक माहौल से देश को संरक्षित किया जाना चाहिए।

चुनाव और सरकार की हमें चिंता है। व्यक्तिगत स्वतंत्रता, ईसाई भाइयों के अधिकार और कल्याण का ख़याल रखने वाली सरकार चाहिए। मैं कट्टर राजनीति में हस्तक्षेप नहीं करूंगा। लेकिन हम प्रार्थना करते हैं कि देश का मार्ग सही दिशा में होना चाहिए।

बीजेपी सहित संघ के नेताओं से तीव्र प्रतिक्रिया व्यक्त की जा रही है। मोदी सरकार ने धर्म रूपांतरणों के उद्योग बंद करने के कारण सभी फादर अस्वस्थ हुए ऐसा दावा संघ ने किया है। धर्म के नाम पर लोगों को विभाजित करने के लिए यह पत्र लिखने की आलोचना की जा रही है।