नाणार के कारण कोकण के पारंपरिक उद्योग पर संकट : नितेश राणे

नागपुर : नाणार प्रकल्प बनाकर सरकार को फिर से उसका एन्रॉन कर उसे औंधे मुंह तो नहीं गिराना. यह सवाल काँग्रेस के विधायक नितेश राणे ने शुक्रवार सुबह विधानभवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान किया.

नागपुर में मॉनसून अधिवेशन में गुरुवार को सभी विरोधी दलों ने नाणार को लेकर सभागृह में हंगामा किया. इससे कल का कामकाज नहीं हो सका. विरोधी दल परियोजना को लेकर अपने विचार व्यक्त कर रहा था, तभी यह घटना हो गई.

जैतापुर और नाणार ये दोनों प्रकल्पों में अंतर बहुत कम होने से प्रदेश को हमेशा ख़तरे के साए में रहना होगा. उन्होंने कहा कि आंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार इतने कम अंतराल पर दो प्रकल्प चलाया नहीं जा सकता. जिस कम्पनी को इस परियोजना का कंट्रैक्ट दिया गया है उसे लेकर भी हमें शंका है.

नाणार का मसला रिकॉर्ड पर रखने का आग्रह हम सरकार से बारबरा कर रहे हैं. उस पर चर्चा होनी चाहिए. सरकार जनता से कुछ छिपा रही है हमें इसकी आशंका है. सरकार को इस बारे में ख़ुलासा देने के निवेदन मांग सदन में करने की बात भी उन्होंने कही.