कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए भाजपा तोड़ रही कांग्रेस के विधायक

नई दिल्ली : कर्नाटक में भाजपा और कांग्रेस में सत्ता बनाने की रेस लगी है। दोनों पार्टियों ने सरकार बनाने की अपनी कोशिशे शुरू कर दी है। कांग्रेस के चुने गए विधायकों की बैठक शुरू हो गई है। इसी बिच कांग्रेस विधायक अमरेगौड़ा लिंगानागौड़ा पाटिल बाय्यापुर ने कहा कि बीजेपी नेताओं ने उन्हें मंत्री पद का ऑफर दिया था। लेकिन मैंने मना कर दिया। पार्टी नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सभी विधायक उनके साथ हैं।

इस बीच खबर आई थी कि बीएस येद्दियुरप्पा ने फिर ‘ऑपरेशन लोटस’ छेड़ा है। वे कांग्रेस के चार और जेडीएस के छह विधायकों के संपर्क में हैं। सबको मंत्री पद ऑफर दिया है। बता दें कि जेडीएस-कांग्रेस और भाजपा ने सरकार बनने का दावा पेश कर चुके हैं। इस चुनाव में भाजपा को 104, कांग्रेस को 78 और जेडीएस गठबंधन को 38 सीटें मिली हैं।

कांग्रेस विधायक अमरेगौड़ा लिंगानागौड़ा पाटिल बाय्यापुर ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि मुझे भाजपा नेताओं का कॉल आया था। उन्होंने कहा कि हमारे साथ आ जाओ और हम आपको मंत्रालय देंगे। हम आपको मंत्री बनाएंगे। लेकिन, मैंने मना कर दिया। हमारे मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी हैं।

कांग्रेस नेता डी शिवकुमार ने कहा कि वे (भाजपा‌) हमारे नेताओं के संपर्क में हैं। ये हम जानते हैं। सभी पर बहुत दबाव है। लेकिन यह आसान नहीं होगा, क्योंकि दो पार्टियों के पास बहुमत का नंबर है। लोग यह सब देख रहे हैं।वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा सभी कांग्रेस एमएलए हमारे साथ हैं। कोई भी बाहर नहीं है। हम सरकार बनाने जा रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, भाजपा ने कांग्रेस और जेडीएस के जिन विधायकों को ऑफर दिया है। उन्हें पार्टी हर स्थिति में सपोर्ट करेगी। अगर ये विधायक भाजपा को वोट देंते या फ्लोर टेस्ट के दौरान गैर-हाजिर रहते हैं तो दोनों सूरत में दल-बदल कानून के तहत इनकी सदस्यता जानी तय है। ऐसे में भाजपा ने उन्हें अपने टिकट पर उपचुनाव लड़ने का विकल्प दिया है। खुद न लड़कर यह चाहें तो किसी नाते-रिश्तेदार को लड़वा सकते हैं। अगर कोई विधायक उपचुनाव नहीं लड़ना चाहता तो उसे विधान परिषद में एडजस्ट किया जाएगा।

राज्यपाल बुधवार को भाजपा को सरकार बनाने का न्योता दे सकते हैं। येद्दियुरप्पा ने शपथ के लिए 17 मई का मुहूर्त भी निकलवा लिया है। वह 21 को बहुमत साबित करेंगे। विधायक तोड़ने पर येद्दियुरप्पाऔर राज्यसभा सांसद राजीव चंद्रशेखर के बीच देर रात तक बैठक भी चली। वहीं, देर रात तक कांग्रेस-जेडीएस की भी बैठक चल रही थी।