मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना से 30 हजार किलोमीटर के रास्तों का काम दिसंबर 2019 से पहले पूर्ण करे – मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

मुंबई : मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से राज्य में ३० हजार किलोमीटर के रास्तों का काम करने का उद्दिष्ट रखा गया है. यह उद्दिष्ट दिसंबर 2019 के पहले पूरा करने तथा हाइब्रिड एन्युइटी रास्तों के कामों के लिए तत्काल कार्यारंभ आदेश देकर बारिश के मौसम के पहले काम शुरू करने के निर्देश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज दिए.

हाइब्रिड एन्युइटी रास्ते और मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के रास्तों के काम का जायजा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंत्रालय में लिया. इस समय सार्वजनिक निर्माण मंत्री चंद्रकांत पाटिल, ग्रामविकास मंत्री पंकजा मुंडे उपस्थित थे.

मुख्यमंत्री ग्राम सड़कयोजना से 4452 किलोमीटर रास्तों का काम पूरा

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा, इस योजना के अंतर्गत 30 हजार किलोमीटर के रास्तों का उद्दिष्ट रखा है.  जिसमें से 14 हजार 844 किलोमीटर के कामों को मंजूरी दी गई हैं. इससे पहले 4452 किलोमीटर रास्तों का काम पूरा हुआ है.  6756 किलोमीटर लंबे  रास्तों का काम अगले महीने में शुरू होगा. शेष बचे कामों को सितम्बर तक  कार्यारंभ आदेश देकर अक्टूबर महीने से कामों को शुरुवात करे.  ग्रामीण महाराष्ट्र में विकास को गति देने के लिए रास्तों की भूमिका महत्वपूर्ण है. इसलिए दिसंबर 2019 से पहले सभी काम पूर्ण करने के निर्देश  मुख्यमंत्री ने दिए.

हाइब्रिड एन्युइटी के अंतर्गत 9238 किलोमीटर के रास्ते

हाइब्रिड एन्युइटी अंतर्गत 195रास्तों का काम किया जाएगा. नागपुर विभाग में 33 कामों के माध्यम से 1358 किलोमीटर रास्तों का काम किया जाएगा.  अमरावती विभाग में 32  कामों के माध्यम से  1527 किलोमीटर रास्तों का काम किया जाएगा. औरंगाबाद विभाग में 32 कामों के माध्यम से 1920 किलोमीटर, नाशिक विभाग में 31  कामों के माध्यम से 1257 किलोमीटर, पुणे विभाग में 25  कामों के माध्यम से 1775 किलोमीटर, मुंबई विभाग में 42  कामों के माध्यम से 1402 किलोमीटर ऐसे कुल 195  कामों के माध्यम से 9238 किलोमीटर लंबे रास्तों का निर्माण किया जाएगा. मार्च 2018 में नए 21 कामों को मंजूरी प्रदान की हैं, उस माध्यम से  1001 किलोमीटर लंबे  रास्ते तैयार किए जाएंगे. इन कामों के लिए 44 निविदा मंजूर की है. उनके  कार्यारंभ आदेश तत्काल देने और बारिश के मौसम से पहले काम शुरू करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए.

सरकारी इमारत उर्जा कार्यक्षम प्रकल्प से 8.55 लाख यूनिट बिजली की बचत

सरकारी इमारतों में उर्जा कार्यक्षम प्रकल्प चलाया जा रहा है. नागपुर का विधानभवन, राजभवन, विधायक निवास,रवि भवन, हैद्राबाद हाऊस, पुणे स्थित राजभवन, सेट्रल बिल्डींग, औंध जिला अस्पताल, सोलापुर जिला अस्पताल, मुंबई मुलुंड स्थित राज्य कामगार बीमा अस्पताल, बांधकाम भवन, जीटी अस्पताल, ठाणे जिलाधिकारी कार्यालय, कोल्हापुर सीपीआर अस्पताल, मध्यवर्ती प्रशासकीय इमारत और औरंगाबाद उच्च न्यायालय आदि इमारतें इस प्रकल्प के अंतर्गत पूर्ण हुई हैं. इस प्रकल्प के कारण 8.55 लाख यूनिट बिजली बचत हो रही है. इससे  98 लाख रुपयों की बचत हुई है. इस प्रकल्प के अंतर्गत अबतक 2 लाख 11 हजार 615 ट्युब लाईट, 71 हजार 327 फैन, 1 हजार 670 एसी उपकरण बदले गए हैं. एक दिन में लगभग 5 लाख 65 हजार रुपयों की बचत होने की जानकारी प्रस्तुति के दौरान दी गई.  इस समय बांद्रा की सरकारी बसाहट पुनर्विकास के संबंध  में प्रस्तुतीकरण किया गया.

बैठक में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव प्रवीण परदेशी, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव डी.के.जैन, सार्वजनिक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव आशिषकुमार सिंह, सचिव सी.पी.जोशी आदि उपस्थित थे.