क्रिस गेल ने जीता मानहानि मुकदमा, फेयरफैक्स द्वारा लगाए गए आरोप झूठे साबित

सिडनी : वेस्टइंडीज के धुँवाधार बल्लेबाज क्रिस गेल ने ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स सुप्रीम कोर्ट में एक ऑस्ट्रेलियाई मीडिया कंपनी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा जीत लिया है। दो घंटे से भी कम चली बहस में सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि फेयरफैक्स मीडिया क्रिस गेल के खिलाफ प्रकाशित किए गए खबर को सही साबित नहीं कर पाई है।

अदालत ने ये भी पाया कि फेयरफैक्स मीडिया ने अपने सभी अखबारों में क्रिस गेल के खिलाफ दुर्भावना के तहत खबर छापी। वहीं क्रिस गेल ने फैसले के बाद खुशी जताई और कहा कि ‘ जमैका से मैं यहां खुद का और अपने चरित्र का बचाव करने के लिए आया। मैं इस फैसले से काफी खुश हूं और मैं एक अच्छा इंसान हूं, मैं किसी तरह का अपराधी नहीं हूं। वहीं फेयरफैक्स मीडिया का कहना है कि इस मामले में सही तरह से सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने इस ज्यूरी को हटाकर नए ज्यूरी से मामले की सुनवाई की मांग की।

गौरतलब है वेस्टइंडीज टीम की महिला थैरेपिस्ट ने क्रिस गेल पर बदतमीजी का आरोप लगाया था। मामला 2015 क्रिकेट विश्व कप का है। महिला थैरेपिस्ट ने आरोप लगाया था कि क्रिस गेल ने उसके सामने अपना तौलिया खोल दिया था, जिसके बाद वो जोर से चिल्लाईं। इसको लेकर फेयरफैक्स मीडिया ने खबरें भी छापी थी। द् सिडनी मार्निंग हेराल्ड, द् एेज और द् कैनबरा टाइम्स ने भी इसको लेकर खबर प्रकाशित की थी। ये सभी न्यूजपेपर फेयरफेक्स मीडिया हाउस का हिस्सा हैं।

न्यूजपेपर में लिखा था कि ड्रेसिंग रुम में क्रिस गेल ने महिला थैरेपिस्ट लिएन रसेल के सामने अपना तौलिया खोल दिया था। हालांकि गेल ने अपने ऊपर लगे आरोप को पूरी तरह खारिज कर दिया था और कहा था कि फेयर फैक्स मीडिया उन्हें बदनाम करना चाहती है। आपको बता दें इससे पहले भी क्रिस गेल पर एक महिला ने बदतमीजी का आरोप लगाया था।