भय्यू जी महाराज के दूसरे खत में हस्ताक्षर नहीं

इंदौर : आध्यात्मिक गुरु भय्यू जी महाराज की आत्महत्या को लेकर नए-नए खुलासे हो रहे हैं। महाराज के सुसाइड नोट के बाद अब एक और नोट सामने आया हैं। जिसमें उन्होंने विनायक नामक एक व्यक्ति को अपना उत्तराधिकारी बनाया है।

महाराज ने अपनी डायरी में लिखा है कि –

‘विनायक मेरे विश्वासपात्र हैं, सब प्रॉपर्टी, बैंक एकाउंट, इंवेस्टमेंट आदि की जिम्मेदारी वही संभालें। किसी को तो परिवार की ड्यूटी करनी जरूरी है, तो वही करेगा। मुझे उस पर विश्वास है। मैं कमरे में अकेला हूं और सुसाइड नोट लिख रहा हूं। किसी के दबाव में आकर नहीं लिख रहा हूं, कोई इसके लिए जिम्मेदार नहीं है।

पहले जो एक पत्र सामने आया था, उसमें भय्यूजी महाराज ने लिखा था कि मैं बहुत तनाव में दुनिया छोड़ रहा हूं। उसमें उनके दस्तखत भी थे, लेकिन इस पत्र में कहीं उनके हस्ताक्षर दिखाई नहीं दे रहे हैं। डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र ने कहा , ‘सुसाइड नोट में विनायक के बारे में जिक्र किया गया है। यह व्यक्ति 15-16 सालों से उनकी देखरेख कर रहे थे। उनके ही साथ रहते थे। हालांकि पुलिस इस बारे में जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि ये दोनों भावनात्मक तौर पर जुड़े होंगे इसलिए उनका लिखा गया है।

महाराज से जुड़ने से पहले विनायक ट्रक पर क्लीनर का काम करता था। महाराज ने अपने अनुयायियों के बीच इस बात का उल्लेख किया था कि देखो, यह ट्रक क्लीनरी करता था, लेकिन अब मेरे साथ है। विनायक निजी सेवक के रूप में महाराज के साथ रहता था। सोमवार को भी महाराज के साथ पुणे जा रहा था। विनायक ने बताया कि घर से निकलते समय ही महाराज तनाव में नजर आ रहे थे। यात्रा के दौरान जब भी कोई फोन आता, वह परेशान हो जाते थे। हालांकि यह संयोग नहीं था। महाराज ने कई अपराधियों को भी पुनर्वास के तहत अपने कई प्रकल्पों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी थीं।