अयोध्या मंदिर मामले की 20 जुलाई से लगातार सुनवाई

नई दिल्ली : यूपी शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने एक बार फिर अयोध्या मंदिर निर्णाम मामले पर बयान दिया हैं। उन्होंने कहा कि, ‘अयोध्या में विवादित स्थल पर मस्जिद नहीं था, इसलिए वहां मस्जिद नहीं बन सकता हैं। अयोध्या भगवान राम का जन्मस्थान है और यहां केवल राम मंदिर ही बनेगा। बाबर के प्रति सहानुभूति रखने वालों की किस्मत में हारना लिखा है।’

उच्चतम न्यायालय में शिया वक्फ बोर्ड ने कहा कि, वह इस मामले का शांतिपूर्वक समाप्त करना चाहते हैं। शिया वक्फ बोर्ड ने यह भी कहा कि बाबरी मस्जिद का संरक्षक शिया था इसलिए सुन्नी वक्फ बोर्ड या कोई और मुसलमानों का प्रतिनिधि नहीं है। तो इसमें दखल न दे।

इस मसले में वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने उच्चतम न्यायालय में कहा कि, शिया वक्फ बोर्ड को इस मामले में बोलने का हक नहीं है। जैसे तालिबान ने बामियान को नष्ट किया उसी तरह हिंदू तालिबान ने बाबरी मस्जिद को नष्ट किया। उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया कि, अयोध्या-बाबरी मस्जिद मामले की लगातार सुनवाई 20 जुलाई से की जाएगी। जिसके बाद इसका नतीजा आएगा।