शहरी इलाकों में भी लागू होगी ‘अस्मिता’ योजना- पंकजा मुंडे

नाशिक: ग्रामीण अंचलों की तरह शहरी इलाकों के स्कूलों में अस्मिता योजना लागी की जाएगी और इसके लिए नगर विकास विभाग से चर्चा की जाएगी। इस योजना के तहत सैनेटरी पैड की कींमत शुन्य तक लाने का प्रयास किया जाएगा। यह जानकारी प्रदेश की ग्राम विकास मंत्री पंकजा मुंडे ने दी।

ईदगाह मैदान में आयोजित ‘अस्मिता’ महिला मेले में वे बोल रही थी। कार्यक्रम में ग्राम विकास राज्यमंत्री दादाजी भुसे, विधायक देवयानी फरांदे, सीमा हिरे, जिला परिषद अध्यक्ष शीतल सांगले, ग्राम विकास विभाग के सचिव असिम गुप्ता, मुख्य कार्यकारी अधिकारी नरेश गीते, जि.प. सभापति मनिषा पवार, अपर्णा खोसकर, मनिषा पवार, सुनिता चारोस्कर, जिला ग्रामीण विकास मशीनरी के परियोजना निदेशक प्रमोद पवार आदि उपस्थित थे।

श्रीमती मुंडे ने कहा कि स्वीकार्यता, सस्ती कीमत और उपलब्धता इन तीन मुद्दों पर यह योजना कार्यान्वित की जाएगी। सैनेटरी पैड का एक ही जगह पर उत्पादन करके बचत गटों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा। बचत गटों को सुमतीबाई सुकलीकर योजना के माध्यम से शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा। जिसके चलते ग्रामीण भागों में रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा और बचत गटों के माध्यम से अशिक्षित महिलाएं भी देखील सक्षम और संगठित होंगी। लड़कियों के पोषण और अच्छे स्वास्थ्य के बिना सशक्त पीढ़ी का जन्म नहीं हो सकता। इसलिए इस योजना आखिरी महिला तक पहुंचने के लिए सरकार का प्रयास है। इसके लिए जागरूकता और सैनिटरी पैड की उपलब्धता पर जोर दिया जाएगा। उपलब्धता अधिक होने पर कीमत भी कम हो सकती है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अक्षय कुमार ने ‘असिमता फंड’ में योगदान दिया है। यदि इस तरह का योगदान समाज से मिला तो पूरे प्रदेश में ‘अस्मिता राज्य’होगा। योसा विश्वास उन्होंने व्यक्त किया। अस्मिता योजना के कारण आदिवासी बस्तियों की लड़कियां भी आत्मविश्वास से और गरिमा के साथ जी सकेंगी। यही लड़कियां अस्मिता दूत बनकर गांव- गांव में जानकारी पहुंचाएंगी। यैसा उन्होंने कहा। पंकजा मुंडे ने योजना के बारे में खुले मन से और निडर होकर विचार व्यक्त करनेवाली मुक्ता बेंडकुले की प्रशंसा की। इसी तरह नाशिक जिले द्वारा अस्मिता के लिए अच्छा काम किए जाने पर अभिनंदन किया।

श्री भुसे ने कहा कि अत्यंत कम खर्च में सरकार ने महिलाओं की स्वास्थ्य समस्याओं को हल करनेवाली योजना शुरू की है। अस्मिता योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों का पंजीकरण किया जा रहा है। बचत समूहों के माध्यम से इस योजना को ग्रामीण इलाकों में पहुंचाने का सरकार प्रयास कर रही है। सरकार की ओर से संवेदनशील जिला घोषित किए जाने पर ऋण का समय पर भुगतान करनेवाले बचत समूहों से ब्याज की रकम नहीं ली जाएगी। ग्राम विकास विभाग की ओर से वर्ष 2011 के पहले के गांवठाणों के अतिक्रम नियमित करने का निर्णय लिया गया है। घरों के उतारों पर पुरूषों के साथ घर की महिला का भी नाम लगाने का निर्णय भी लिया गया है।

श्रीमती सांगले ने कहा कि सैनेटरी नैपकीन कम दर उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला परिषद स्कूलों की लड़कियों के लिए सैनेटरी पैड की कींमत का भुगतान जिला परिषद की ओर से किया जाएगा। श्रीमती फरांदे ने कहा कि अस्मिता योजना के कारण लड़कियों और महिलाओं में स्वास्थ्य के संबंध में जागरूकता आई है। उन्होंने कहा कि इस योजना के कारण महिलाओं को उनका अधिकार मिला है। राज्य में केवल 17 फीसदी महिला सैनेटरी नैपकिन का उपयोग करती हैं, सरकार ने महिलाओं के स्वास्थ्य के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए क्रांतिकारी योजना शुरू की है। यैसा उन्होंने कहा।

श्री गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में अस्मिता पंजीकरण तीन करोड़ तक ले जाने प्रयास है। प्रत्येक घरों तक यह जानकारी पहुंचाने के लिए सभी लोग सहयोग करें। यैसा अव्हान उन्होंने किया। श्री गीते ने प्रास्तावना देते हुए बताया कि अस्मिता योजना के अंतर्गत जिलों में 650 बचत समूहों और 25 हजार लड़कियों को नामांकित किया गया है। पंजीकरण में नाशिक जिला राज्य में सबसे आगे होने की जानकारी उन्होंने दी।

ग्राम विकास मंत्री श्रीमती मुंडे के हाथों दस लड़कियों को अस्मिता कार्ड बांटा गया। साथ ही उनके हाथों ‘अस्मिता-स्वच्छता एवं स्वास्थ्य का आयाम’ और ‘विकास प्रेरणा’ इस पुस्तक का प्रकाशन किया गया। कार्यक्रम स्थल पर जिला परिषद की ओर से एचएलएल महालैब के सहयोग से मुफ्त रक्त जांच शिविर का आयोजन किया गया।

मान्यवरों के हाथों विभिन्न पुरस्कारों का वितरण

इस अवसर पर स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत अच्छा काम करनेवाले दिंडोरी, चांदवड, बागलाण, सुरगाणा,सिन्नर, नांदगाव, येवला, मालेगांव और इगतपुरी तहसील का सम्मान श्रीमती मुंडे और श्री भुसे के हाथों किया गया। इसीतरह विभिन्न पुरस्कारों का वितरण भी इस अवसर पर किया गया।

आशा स्वयंसेविका जिला स्तरीय पुरस्कार (2016-17) प्रथम- नसीम शेख, माणी (सुरगाणा), द्वितीय- सीता जाधव, कोहोर (पेठ) 2016-17 का नविनतम जिला स्तरीय पुरस्कार- प्रथम, भारती सालवे प्रा.आ.केंद्र शिंदे (नाशिक), द्वितीय- मनिषा डहाले प्रा.आ.केंद्र काननवाडी (इगतपुरी), 2016-17 का आशा समूह प्रवर्तक जिला स्तरीय पुरस्कार- प्रथम- स्वाति जाधव प्रा.आ.केंद्र खामखेडा (देवला), द्वितीय- संगीता सदगीर काननवाडी (इगतपुरी), तृतीय- ज्योति जाधव तलेगांव दि. (दिंडोरी) ।

डॉ.आनंदीबाई जोशी गौरव पुरस्कार 2017-18 (उपकेंद्र) प्रथम- प्रा.आ.केंद्र कलवाडी ता.मालेगांव, उपकेंद्र पाडलदे, द्वितीय- प्रा.आ.केंद्र खेड ता.इगतपुरी उपकेंद्र वासाली, तृतीय- प्रा.आ.केंद्र वावी ता.सिन्नर उपकेंद्र वावी. 2017-18 (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) प्रथम- प्रा.आ.केंद्र लोहोणेर ता.देवला, द्वितीय- प्रा.आ.केंद्र मोहाडी ता.दिंडोरी, तृतीय- प्रा.आ.केंद्र दलवट ता.कलवण

डॉ.आनंदीबाई जोशी गौरव पुरस्कारों के अंतर्गत 2017-18 ग्रामीण अस्पताल के लिए प्रथम पुरस्कार ग्रामीण अस्पताल नांदगांव को मिला। फ्लोरेन्स नाईटिंगेल पुरस्कार प्रथम- मीना जाधव अधिपरीचारिका (नांदगाव), प्रथम- इस्टर राठौड एल.एच.वी. (नांदगाव) द्वितीय- ए.बी.जाधव एल.एच.वी. (सटाणा), तृतीय- रत्ना पवार एल.एच.वी. (कलवण), आरोग्यसेविका प्रथम- मनिषा भांगे (सुरगाणा), द्वितीय- शामल अहीरे (इगतपुरी), तृतीय- सविता सानप (मालेगांव)।

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