यवतमाल में एक और किसान की आत्महत्या

Farmer Suicide

यवतमाल : यवतमाल जिले में किसान आत्महत्या रुखने का नाम नहीं ले रही है। पिछले सप्ताह एक किसान ने पीएम नरेंद्र मोदी के नाम पत्र लिख कर आत्महत्या की थी। ये मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है की यवतमाल जिले में एक और किसान ने आत्महत्या की है। एक बूढ़े किसान ने यहाँ अपनी चिता खुदके हाथों से सजाकर आत्महत्या की है जिस कारन अब पूरा जिला एक और बार हिल चूका है।

उमरखेड़ तहसील के सावलेश्वर के बूढ़े किसान ने शनिवार को अपने खेत में खुद की चिता सजाकर आतमहत्या की। किसान का नाम माधव शंकर रावते (उम्र 71) बताया जा रहा है। दरअसल ये घटना शनिवार की है सावलेश्वर ये एक बोहत ही छोटा क़स्बा है जिस कारन ये खबर सरकार तक पोहचने में देरी लगी। जैसे ही इस खबर की जानकारी महाराष्ट्र सरकार को मिली तो शासन प्रणाली में हलचल मच गई।

बता दे कि, माधव रावते इनके पास चार एकड खेत है। खेती में ठीक ठाक फसल नहीं उगने के कारन वो कई दिनों से निराश थे। इस वर्ष उन्हें सिर्फ 3 क्विंटल ही कपास हुआ था जिस कारन वो वित्तीय संकट में थे। उनपर स्टेट बैंक का 60 हजार रुपये का कर्ज भी था जिस कारन वो चिंता में थे।

शनिवार को वो अपने खेत में गए और खेत में ही अपनी चिता सजाकर उन्होंने उसमें खुद को झोक दिया। जैसे ही स्थानीय लोगो ने आग को देखा तो इसकी जानकारी उन्होंने रावते के लडके गंगाधर को दी। जानकिआरी मिलते ही गंगाधर और गांववासी दौड़ कर खेत में गए। लेकिन तब तक बोहत देर हो चुकी थी और माधव रवते ये पूरी तरह से जल चुके थे।