दादासाहेब फालके पुरस्कार; ‘कच्चा लिंबू’ सर्वश्रेष्ठ मराठी फिल्म

65 वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार की घोषणा दिवंगत अभिनेता विनोद खन्ना को दादासाहेब फालके पुरस्कार

नई दिल्ली: 65 वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार की आज घोषणा की गई। सर्वश्रेष्ठ मराठी फिल्म का मान ‘कच्चा लिंबू’ फिल्म को मिला है। इसके अलावा ‘धप्पा’, ‘म्होरक्या’, ‘पावसाचा निबंध’ और ‘मयत’ यह मराठी फिल्में विभिन्न श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ चुनी गई हैं। मरणोपरांत फिल्म अभिनेता विनोद खन्ना को दादासाहेब फालके पुरस्कार और फिल्म अदाकारा श्रीदेवी को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार घोषित किया गया है।

विनोद खन्ना और श्रीदेवी को मरणोपरांत पुरस्कार

राष्ट्रीय चित्रपट पुरस्कार समिति के अध्यक्ष प्रशिद्ध निर्देशक शेखर कपूर और सदस्यों ने शुक्रवार को नई दिल्ली के शास्त्री भवन में आयोजित पत्रकार परिषद में वर्ष 2017 के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा की। इस साल का दादासाहेब फालके पुरस्कार बॉलीवुड के लोकप्रिय अभिनेता दिवंगत विनोद खन्ना को दिया जाएगा। भारतीय सिनेमा जगत में अपने अभिनय की अमिट छाप छोड़नेवाली दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी को ‘मां’ फिल्म की भूमिका के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के पुरस्कार के लिए चुना गया है। ‘नगरकीर्तन’ पंजाबी फिल्म के लिए रिध्दी सेन को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। बतौर पुरस्कार रजत कमल और 50 हजार रूपए नकद पुरस्कार दिया जाएगा।

‘कच्चा लिंबू’ सर्वश्रेष्ठ मराठी फिल्म

क्षेत्रीय फिल्मों में मराठी फिल्म कच्चा लिंबू को सर्वश्रेष्ठ फिल्म के रूप में चुना गया। फिल्म के निर्माता मंदार देवस्थली हैं और निर्देशन प्रसाद ओक ने किया है। निर्देशक और निर्माता को रजत कमल और एक लाख रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। निपुन धर्माधिकारी द्वारा निर्देशित और सुमतीलाल शाह द्वारा निर्मित मराठी फिल्म ‘धप्पा’ को राष्ट्रीय एकता के लिए सर्वश्रेष्ठ फिल्म के लिए नरगिस दत्त पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है। इस फिल्म को रजत कमल और 1 लाख 50 हजार रुपए बतौर पुरस्कार की घोषणा की गई है।

‘म्होरक्या’ सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म

अमर देवकर द्वारा निर्देशित और कल्याण पाडाल द्वारा निर्मित म्हारेक्या मराठी फिल्म देश की सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म चुनी गई है। स्वर्ण कमल और एक लाख पचास हजार रुपए पुरस्कार के रूप में दिए जाएंगे। ‘म्होरक्या’ फिल्म के लिए यश राज का-हाडे को विशेष उल्लेखनीय पुरस्कार घोषित हुआ है। पुरस्कार के रूप में प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।

नॉनफीचर में भी मराठी का दबदबा

नॉनफिचर में मराठी फिल्मों का दबदबा रहा। ‘पावसाचा निबंध’ इस फिल्म के लिए प्रसिध्द निर्देशक नागराज मंजुले को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार घोषित किया गया। उन्हें स्वर्ण कमल और 1 लाख 50 हजार रूपए नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस फिल्म के ऑडियोग्राफर अविनाश सोनवने को सर्वश्रेष्ठ ऑडियोग्राफी का पुरस्कार घोषित किया गया है। रजत कमल और 50 हजार रुपए पुरस्कार का स्वरूप है।

‘मयत’ : सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म

सुयश शिंदे द्वारा निर्देशित और निर्मित ‘मयत’ यह सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म चुनी गई है। समर्थ महाजन को ‘द अनरिजर्व’ फिल्म के लिए बेस्ट ऑन लोकेशन साऊंड रेकॉर्डीस्ट पुरस्कार घोषित किया गया है। रजत कमल और 50 हजार रुपए पुरस्कार का स्वरूप है। शिल्प कलेवर आधारित ‘पोयट्री ऑन फैब्रिक चेंदारीनामा’ इस फिल्म के निर्देशन के लिए राजेंद्र जांगले को बेस्ट प्रमोशनल फिल्म का पुरस्कार घोषित हुआ है। रजत कमल और 50 हजार रुपए बतौर पुरस्कार दिए जाएंगे। नॉनफीचर फिल्मों की श्रेणी में स्वप्निल कपुरे निर्देशित ‘आफ्टरनून’ फिल्म को विशेष उल्लेखनीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। बतौर पुरस्कार प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

‘वीलेज रॉकस्टार्स’ सर्वश्रेष्ठ फिल्म

‘वीलेज रॉकस्टार्स’ यह आसमी भाषा की फिल्म देश की सबसे सर्वश्रेष्ठ फिल्म के रूप में चुनी गई है। इस फिल्म को स्वर्ण कमल और 2 लाख 50 हजार रुपए नकद पुरस्कार दिया जाएगा।