कठुआ रेप केस में दोषी सभी आरोपियों ने की नार्को टेस्ट कराने की मांग

जम्मू : देश भर को हिलाकर रख देने वाले कठुआ गैंगरेप और हत्या मामले की सुनवाई सोमवार को चीफ जुडिशल मैजिस्ट्रेट की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान जम्‍मू-कश्‍मीर जिला अदालत में सभी आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया। सभी आरोपियों ने जिला और सत्र न्यायाधीश से नार्को टेस्‍ट कराने की मांगी की है।

वहीं इस मामले में गिरफ्तार नाबालिग ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष जमानत की अर्जी दी, जिस पर आज सुनवाई होगी। इस मामले में अदालत ने पुलिस की अपराध शाखा से आरोपियों को आरोप पत्र की प्रतियां उपलब्ध कराने को कहा है। आरोपियों के वकील अंकुर शर्मा ने कहा कि उन्हें चार्जशीट की दूसरी कॉपी दी ही नहीं गई। वह सोशल मीडिया पर चल रहे तथ्यों के आधार पर पहुंचे हैं। ऐसे में उनके हाथ बंधे हैं। वहीं, सुनवाई के बाद आरोपियों के वकील अंकुर शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने बचाव पक्ष को चार्जशीट की पूरी कॉपी देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बचाव पक्ष नारको टेस्ट के लिए तैयार है।

जम्मू कश्मीर सरकार ने इस संवेदनशील मामले में सुनवाई के लिए दो विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति की है और दोनों ही सिख हैं। इसे इस मामले में हिन्दू मुस्लिम ध्रुवीकरण को देखते हुए ‘ तटस्थता ’ सुनिश्चित करने का प्रयास माना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा 13 अप्रैल को जम्मू बार एसोसिएशन तथा कठुआ बार एसोसिएशन को आड़े हाथ लिये जाने के बाद अब सुनवाई सुचारू ढंग से चलने की उम्मीद है्। शीर्ष अदालत ने इस मामले में कुछ वकीलों द्वारा न्यायिक प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करने पर कड़ी आपत्ति जताई थी।

बता दे कि, सांजी राम ने कथित रूप से विशेष पुलिस अधिकारी दीपक खजूरिया और सुरेंद्र वर्मा, मित्र प्रवेश कुमार उर्फ मन्नु, राम के भतीजे एक नाबालिग और उसके बेटे विशाल उर्फ ‘शम्मा’ के साथ मिलकर इस अपराध को अंजाम दिया। आरोपपत्र में जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल तिलक राज और उपनिरीक्षक आनंद दत्ता को भी नामजद किया गया है जिन्होंने राम से चार लाख रुपये कथित रूप से लेकर महत्वपूर्ण सबूत नष्ट किये । अब आठों आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।