रुचि सोया को खरीदने की होड़ में अडाणी ग्रुप सबसे आगे

नई दिल्ली : रुची सोया की नीलामी की कार्यविधि अभी पूरी नहीं हुई हैं। वही बाबा रामदेव की पतंजलि ने इसके लिए 5700 करोड़ की बोली लगाई है। पतंजलि को टक्कर दे रहे अडाणी समूह के गौतम अडाणी ने 6000 हजार करोड़ की बोली लगाकर उन्हें पीछे छोड़ दिया हैं। इससे पहले कर्ज दाता रुचि सोया के अधिग्रहण के लिए लगाई गई शुरुआती बोली से खुश नहीं थे। क्योंकि पतंजलि ने 4,300 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी, वहीं अडाणी ने तब केवल 3,300 करोड़ रुपये की बोली लगायी थी।

रुचि सोया पर बैंकों का करीब 12,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। सीओसी ने रुचि सोया की परिसंपत्ति के मूल्य को अधिकतम करने के लिए स्विस चैलेंज विधि का कार्यान्वयन करने का निर्णय लिया है। जिसमें अगर पतंजलि भी अब 6,000 करोड़ रुपये या इससे अधिक की बोली लगाती है तो अडाणी को बोली बढ़ाने का मौका मिलेगा। पतंजलि और अडाणी के अलावा इमामी एग्रोटेक और गोदरेज एग्रोवेट ने भी रुचि सोया के अधिग्रहण की इच्छा जतायी थी।