राष्ट्रीय बालस्वास्थ कार्यक्रम के अंतर्गत करीबन 91 प्रतिशत बच्चों की स्वास्थ्य जांच पूर्ण

मुंबई: स्वास्थ्य विभाग द्वारा सूचित किया गया कि राज्य में राष्ट्रीय बालस्वास्थ कार्यक्रम के अंतर्गत 98.50 प्रतिशत आंगनबाड़ी और उसमें 90.47 प्रतिशत बालकों की स्वास्थ्य जाँच की गई गई। बताया कि एक साल में २ सत्र में बच्चों की स्वास्थ्य जांच की जाती है।

राज्य में राष्ट्रीय बालस्वास्थ कार्यक्रम के अंतर्गत 0 से 6 वर्ष आयुगुट में बच्चों की स्वास्थ्य जांच की जाती है। उसके लिए 993 टीम कार्यरत है। इस टीम में १ पुरुष व १ महिला चिकित्सा अधिकारी, एक परिचारिका और औषधिनिर्माण अधिकारी शामिल है।

अप्रैल २०१७ से मार्च २०१८ तक कुल १ लाख ३ हजार ३४४ आंगनबाड़ी और उसमें से 72 लाख 74 हजार 543 बच्चों की जांच का उद्दिष्ट निश्चित किया गया। इसके अनुसार प्रथम सत्र में अप्रैल 2017 से सितंबर 2017 की समयावधि में 98 हजार 029 (94.86 प्रतिशत) आंगनबाडियों की जांच की गई और उसमें 62 लाख 20 हजार 498 (85.51 प्रतिशत) बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई है। इसमें ४ लाख 63 हजार 117 आंशिक रूप से अस्वस्थ बच्चों का इलाज़ करके दवाईयाँ दी गई।

बताया कि द्वितीय सत्र में अक्तूबर 2017 से मार्च 2018 की समयावधि में १ लाख १ हजार 790 (98.50 प्रतिशत) आंगनबाडियों की जांच करके 66 लाख 40 हजार 800 (90.47 प्रतिशत) बच्चों की स्वास्थ जांच की गई। इस स्वास्थ्य जांच के दौरान बीमार बच्चों का इलाज़ किया जाता है। वहीं गंभीर रूप से बीमार बच्चों को इलाज़ के लिए विशेषज्ञों को द्वारा इलाज़ होता है। साथ ही जरूरत पड़ने पर ऑपरेशन भी किया जाता है। यह सभी इलाज़ एवं ऑपरेशन नि:शुल्क किए जाते है।