राज्य में पुराने विद्युत पोल, वायर और यंत्रणा दुरुस्ती के लिए 7 हजार 300 करोड़ का प्रारूप -चंद्रशेखर बावनकुले

नागपुर : राज्य में पुराने विद्युत पोल, वायर और यंत्रणा की विगत तीस सालों से देखभाल दुरुस्ती नहीं हुई है. इसके लिए 7 हजार 300 करोड़ का प्रारूप तैयार किया गया है. इसका क्रियान्वयन किया जाएगा, ऐसी जानकारी ऊर्जा मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले आज विधानसभा में प्रश्नोत्तर के दौरान दी.

ऊर्जा मंत्री ने कहा, इसके लिए विभाग ने राज्य में २१ हजार दुर्घटना प्रवण क्षेत्र चुने हैं. उसकी देखभाल दुरुस्ती तत्काल की जाएगी. इससे दुर्घटना होकर जीवितहानि, वित्तहानि टाली जा सकती है. विद्युत दुर्घटनाओं में मृत व्यक्तियों के परिजनों को चार लाख रूपये मदद पुनर्वसन विभाग के सरकारी निर्णय के अनुसार दी जाती है. तथा घायल व्यक्तियों को उनके औषधि उपचार और अस्पताल का पूरा खर्च दिया जाता है. राज्य के ग्रामीण भागों में इस मदद के लिए जिला शल्य चिकित्सक के हस्ताक्षर के अलावा ग्रामीण रुग्णालय के प्रमुख के हस्ताक्षर भी चल सकते है, ऐसा भी उन्होंने बताया. साथ ही मृत व्यक्तियों के परिवार को सात दिनों के अंदर मदद का चेक और घायल व्यक्ति के संदर्भ में तीन महीनों के अंदर अस्पताल में खर्च की रकम अदा करने की कार्यवाही की जाएगी. समय का दुरूपयोग टालने के लिए तथा स्थानीय स्तर पर मामले जल्द से जल्द निपटाने के लिए विभागीय संचालकों को अधिकार दिए हैं, ऐसा श्री. बावनकुले ने बताया.

शाखा अभियंता को किया निलंबित

ग्राम रोहकल, त. खेड, जि.पुणे में 19 मई 2018 को 22 केवी उच्च दाब उपरी तार मार्ग के वाई फेस का विद्युत भारीत वाहक टूटकर दुर्घटना हुई थी. इस में विशाल काचोले और उनकी माँ घायल हुई थी. इस संदर्भ में संबंधित शाखा अभियंता को निलंबित किए जाने की जानकारी श्री. बावनकुले ने बताया. साथ ही संबंधित घायल व्यक्तियों को उपचार के लिए  1 लाख 55 हजार रुपयों का खर्च तत्काल दिया जाएगा, ऐसा उन्होंने कहा.

इस चर्चा में सदस्य श्री सुरेश गोरे, राधाकृष्ण विखे पाटिल, अजित पवार, बच्चू कडू, बालासाहेब थोरातने सहभाग लिया.