उमरखेड शहर में जलापूर्ति के लिए ५२ करोड़ की योजना- फडणवीस

· मांग के अनुसार घरों को मान्यता · वर्धा-नांदेड रेलवे प्रकल्प को गति · वसंत कारखाना फिर करेंगे शुरू

यवतमाल: शहरीकरण के कारण शहरों में पीने के पानी की समस्या गंभीर हो रही है. इस समस्या से निजात पाने के लिए सरकार प्रयासरत है. उमरखेड में पानी की समस्या छुडाने इसापुर प्रकल्प से जलापूर्ति के लिए 52 करोड़ रुपयों की योजना मंजूर की जाएगी, ऐसी घोषणा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज यहाँ की.

उमरखेड नगर पालिका की ओर से सारडा जीन प्रांगन में आयोजित विविध विकासकामों की आधारशिला का अनावरण एवं भूमिपूजन मुख्यमंत्री के हाथों किया गया. इस अवसर पर विधायक राजेंद्र नजरधने, डॉ. अशोक उईके, संजीव रेड्डी बोदकुरवार, राजेंद्र पाटणी, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुर्यकांता पाटिल, नगराध्यक्ष नामदेव ससाणे आदि उपस्थित थे.

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, विगत कुछ सालो में शहरों में बढ़ रही रोजगार के अवसर के कारण शहरों की जनसंख्या बढ़ रही है. राज्य में शहरी जनसंख्या का प्रमाण बहुत कम हुआ है. शहरों में बुनियादी सुविधाओं का नियोजन न होने से नागरी प्रश्न उपस्थित हुए है. इसपर उपाय के तौर पर स्मार्ट शहर, पीने के पानी के लिए अमृत योजना, चौदहवे वित्त आयोग से शहरों के विकास के लिए 21 हजार करोड़ रुपयों का निधि उपलब्ध करवाया है. इसमें मुख्यता शहरी गरीबों के लिए बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध होगी. इसमें से ही उमरखेड शहर में जलापूर्ति के लिए आवश्यक योजना को 52 करोड़ रुपयों का निधि उपलब्ध करवाया जाएगा. इस योजना के तहत बंद पाईपलाईन से पानी लाया जाने से पानी का अपव्यय नहीं होगा. साथ ही आगामी ३० वर्षों तक पानी आपूर्ति का नियोजन होगा. शहर में घनकचरे पर प्रक्रिया कर खादों में रूपांतर करने के लिए हरित सिटी कंपोस्ट ब्रँड निर्माण किया गया है. इससे शहर की कचरे की समस्या हमेशा के लिए ख़त्म होगी.

आज शहर के लिए घरों की एक योजना मंजूर की है. सामान्य नागरिकों को खुद का मकान मिलने के लिए शहर के मांग के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना से मकान के सभी प्रस्तावों को मान्यता दी जाएगी. साथ ही राज्य में बंद शक्कर कारखानों को शुरू करने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है. इसके लिए एक सर्वसमावेशक योजना तैयार की जाएगी. इसमें इसा परिसर में आर्थिक दृष्टी से महत्वपूर्ण वसंत सहकारी शक्कर कारखाना तत्काल शुरू करने के लिए प्रयास किए जायेंगे. साथ ही रस्ता विकास, वर्धा-यवतमाल-नांदेड रेलवे मार्ग को गति देकर पूरा किया जाएगा. ट्रांसपोर्ट की सुविधा निर्माण होने से परिसर में रोजगार के अवसर निर्माण होगे.

गाँव जल स्वयंपूर्ण होने के लिए जलयुक्त शिवार योजना चलाई जा रही है. इस योजना से इस वर्ष 11 हजार गाँव अबतक अकालमुक्त हुआ हैं. खेती की स्थिति सुधारने के लिए सिंचाई की सुविधा निर्माण होना आवश्यक है. विदर्भ और मराठवाडा में 130 सिंचाई प्रकल्प पूर्ण करने के लिए ३० हजार करोड़ रुपयों का निधि उपलब्ध किया गया है. यह प्रकल्प पूर्ण होने के बाद किसान दो फसल लेने के लिए सक्षम होंगे. इसमें से उनकी आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद होगी. राज्य में 15 हजार किलोमीटर का राष्ट्रीय महामार्ग का जाल बिछाया जा रहा है. परिसर में रास्तों के जाल के कारण भी रोजगार निर्माण होंगे. इसके लिए युवाओं को स्वयंरोजगार के लिए मुद्रा योजना से 10 लाख रुपयों तक कर्ज दिया जा रहा है. आम लोगों को बैंक खाता खोलने के लिए जनधन योजना शुरू की गई है. 30 करोड़ खाते खोले जाने से उन खातों के माध्यम से सीधे अनुदान दिया जाने से पहले ही साल 15 हजार करोड़ रुपयों की बचत हुई है. महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए उज्ज्वला योजना से पांच करोड़ गैस जोड़े गए हैं. आगामी समय में ८ करोड़ नागरिकों को इसका लाभ दिया जाएगा. जरुरतमंदों को स्वास्थ्य सुविधा मिले इसके लिए महात्मा फुले जन स्वास्थ्य योजना से 2 लाख रुपयों तक मुफ्त उपचार किए जाते हैं. साथ ही मोदी केयर के माध्यम से अब देश के लगभग 50 करोड़ नागरिकों को 5 लाख रुपयों का उपचार मुफ्त में मिलेगा.

मुख्यमंत्री फडणवीस के हाथों शहर के विकास में योगदान देनेवाले पूर्व नगराध्यक्ष सुरेशचंद्र जेठमलजी माहेश्वरी, सन्नाउल्ला अमानउल्ला, श्यामसुंदर उत्तरवार, वामनराव उत्तरवार, कृष्णगोपाल उत्तरवार, राधेश्याम जांगीड का सत्कार किया गया. विधायक राजेंद्र नजरधने ने विभिन्न विकासकामों की जानकारी दी. परिसर के विकास के लिए स्वास्थ्य, शहर विकास, सिंचाई सुविधा, पर्यटन विकास, बुनियादी सुविधा, ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा काम हुआ है. सहकारी तत्व पर निर्माण किया गया बंद अवस्था में पडा वसंत शक्कर कारखाना शुरू करने तथा इसापुर प्रकल्प से शहर के लिए आवश्यक जलापूर्ति योजना पूर्ण करने के लिए सहयोग करने की बिनती विधायक नजरधने ने की. नगराध्यक्ष नामदेव ससाणे ने प्रस्ताविक किया.

इस समय मुख्यमंत्री के हाथों छत्रपति शिवाजी महाराज व्यापारी संकुल, नगर पालिका क्रीडा संकुल, लोकशाहिर अण्णाभाऊ साठे समाज मंदिर और मुख्य मिरवणूक मार्ग सुवर्ण पथ आदि कामों का लोकार्पण, साथ ही भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर पुतला परिसर विकास, रा. प्र. उत्तरवार सरकारी उप जिला अस्पताल और विडुल में 33 केवी उपकेंद्र का भूमिपूजन किया गया.