बोफोर्स कांड: सुनवाई से अलग हुए जस्टिस खानविलकर

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नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ए एम खानविलकर ने राजनीतिक रूप से संवेदनशील 64 करोड़ रुपए के बोफोर्स तोप सौदा दलाली मामले से संबंधित अपील पर सोमवार को सुनवाई से खुद को अलग कर लिया।

सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि इस मामले में उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी है हालांकि अभी याचिका रिजिस्ट्री में लंबित है। सीबीआई ने कहा कि याचिका अभी डिफेक्ट में है।

पीठ ने जैसे ही सुनवाई शुरू की, न्यायमूर्ति खानविलकर ने खुद को इससे अलग कर लिया। उन्होंने, हालांकि सुनवाई से हटने का कोई कारण नहीं बताया। न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा कि न्यायमूर्ति खानविलकर इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग रखना चाहते हैं, ऐसी स्थिति में यह मामला अब नई पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाएगा।

पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा नेता अजय अग्रवाल से पूछा था कि किस हैसियत से उन्होंने बोफोर्स तोप सौदा मामले को निरस्त करने के दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है? साथ ही शीर्ष अदालत ने पूछा है कि आखिरकार इस मामले में उन्हें क्यों सुना जाना चाहिए।

इसी बीच सीबीआई ने 12 साल बाद हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उधर, सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से भी यह सवाल किया कि आखिर दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा आरोपी को आरोपमुक्त करने के 12 वर्ष बीत जाने के बाद भी एजेंसी ने अपील क्यों नहीं दायर की। 31 मई, 2005 को दिल्ली हाईकोर्ट ने तीन हिन्दुजा भाइयों और बोफोर्स कंपनी को आरोपमुक्त कर दिया था।

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