एसबीआई : मिनिमम बैलेंस के चार्ज में 75 फीसदी तक कटौती का फैसला

नई दिल्ली : देश की सबसे बड़ी बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने खातों में रखी जाने वाली कम से कम रकम पर लगने वाले शुल्क में 75 फीसदी तक घटाने का फैसला किया है। हालांकि कम से कम रकम की सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

यह फैसला एक अप्रैल से लागू होने वाला हैं। इस फैसले से कम कम से कम 25 करोड़ बैंक ग्राहकों को फायदा होगा। बैंक का कहना है किचौतरफा दबाव आने के कारण यह शुल्क घटने का फैसला किया गया।

आपको बता दे कि अप्रैल-नवम्बर २०१७ के दौरन इसी शुल्क से एसबीआई ने १७७१ करोड़ रूपये की कमैन की थीं। यह कमाई जुलाई-सितम्बर तिमाही के मुनाफे से कहीं ज्याद है जबकि चालू कारोबारी साल के पहले छह महीने के मुनाफे का करीब आधा है।जब लोकसभा में ये जानकारी रखी गई तब एसबीआई की खासी आलोचना हो गई और जिसके बाद उसे शुल्क घटाने का निर्णय लेना पड़ा।

इस फैसले के अनुसार महानगरों और शहरों के शुल्क ५० रूपये से घटकर १५ रुपये कर दिए हैं। अर्धशहरी नगरों में ये दर ४० रुपये से घटाकर १२ रूपये और ग्रामीण इलाकों में ये दर १० रूपये क्र दिए गए हैं। इस पर अलग से 18 फीसदी की दर से जीएसटी भी चुकाना होगा। यह शुल्क केवल आम बचत खाते पर लगेगा। प्रधानमंत्री जन धन योजना औऱ साधारण बचत खाता जमा यानी बीएसबीडी पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।

शुल्क की व्यवस्था

(प्रति महीने/रुपये मे)

महानगर, शहर

(औसत मासिक बकाया 3000 रु)

  मौजूदा दर प्रस्तावित दर
50 फीसदी तक की कमी 30+जीएसटी 10+जीएसटी
50-75 फीसदी तक कमी 40+जीएसटी 12+जीएसटी
75 फीसदी से ज्यादा की कमी 50+जीएसटी 15+जीएसटी
अर्धशहरी इलाके

(औसत मासिक बकाया 2000 रु)

   
50 फीसदी तक की कमी 20+जीएसटी 7.50+जीएसटी
50-75 फीसदी तक कमी 30+जीएसटी 10+जीएसटी
75 फीसदी से ज्यादा की कमी 40+जीएसटी 12+जीएसटी
ग्रामीण इलाके

(औसत मासिक बकाया 1000 रु)

   
50 फीसदी तक की कमी 20+जीएसटी 5+जीएसटी
50-75 फीसदी तक कमी 30+जीएसटी 7.50+जीएसटी
75 फीसदी से ज्यादा की कमी 40+जीएसटी 10+जीएसटी